HomeQuestionअगर हम पुराने संस्कारों को मिटाकर उनकी जगह नए संस्कार अपनाते हैं, तो क्या हम एक ही दायरे में नहीं घूम रहे? क्या हम वापस संसार की ओर नहीं जा रहे? क्या हम फिर से संसारी नहीं बन रहे?
अगर हम पुराने संस्कारों को मिटाकर उनकी जगह नए संस्कार अपनाते हैं, तो क्या हम एक ही दायरे में नहीं घूम रहे? क्या हम वापस संसार की ओर नहीं जा रहे? क्या हम फिर से संसारी नहीं बन रहे?