साँप और रस्सी

  • Video
  • Audio
  • Article
  • Question and Answers

No Video Available

No Audio Available

साँप और रस्सी

साँप और रस्सी

 

 

जो हम रस्सी में साँप के रूप में देखते हैं, वह दोहरा अहंकार है, वही हम अद्वैत अस्तित्व में देखते हैं।

जो साँप आप रस्सी में देखते हैं, वह आपको रस्सी की सच्चाई तक नहीं ले जा सकता, क्योंकि साँप वहाँ है ही नहीं।

भ्रम आपको सच्चाई तक नहीं ले जा सकता।

समाधि तर्क से नहीं हो सकती।

रुकें, आराम करें, विचारों को आने-जाने दें, भावनाओं को आने-जाने दें, विचारों, मान्यताओं और कल्पनाओं को आने-जाने दें।

और सही समय पर जो उभरेगा, वह वही है जो हमेशा से वहाँ था।

Jan 04,2026

No Question and Answers Available